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॥ श्रीमहालक्ष्म्यै नमः ॥

दिवाली (लक्ष्मी-गणेश) पूजा

कार्तिक अमावस्या · लगभग 60 मिनट · 53 चरण
महत्व:
प्रकाश का पर्व — भगवान राम की अयोध्या वापसी व देवी लक्ष्मी के पूजन का प्रतीक; अंधकार पर प्रकाश की विजय।
समय:
सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल; उसमें स्थिर (वृषभ) लग्न का समय श्रेष्ठ; अमावस्या व्याप्त हो
क्या करें:
घर की पूर्ण सफाई; मुख्य द्वार पर रंगोली और तोरण; लक्ष्मी-गणेश की नई प्रतिमा (गणेश जी लक्ष्मी जी के बाईं ओर)।
क्या न करें:
पूजा के बाद रात्रि में घर का मुख्य द्वार पूरी तरह बंद न करें (परंपरा); झाड़ू अमावस्या की रात न लगाएं (लोक मान्यता)।

पूजन सामग्री: आवश्यक वस्तुओं की सूची

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